भिंडी या Ladies Finger in Hindi परिचय

आज इस लेख के माध्यम से आप हरी सब्जी भिंडी (lady finger) जो एशियाई देशो में सब्जियों के रूप में बहुतायत घरों में उपयोग की जाती हैं। उसके बारें में सब कुछ हिंदी भाषा में Lady Finger In Hindi में इससे सम्बंधित सभी जानकारी आज इस शानदार लेख के माध्यम से आपके साथ साझा करने जा रहा हूँ।

Table of Contents

भिंडी हमारे दैनिक जीवन में किस प्रकार और कितना उपयोगी हैं, ये सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप जान पायेंगें, इसमें पाएं जाने वालें विटामिन्स की मात्रा और साथ ही साथ इसके औषधीय गुण क्या- क्या हैं, सब कुछ अगर आपको इस लेख में किसी भी प्रकार की त्रुटि मिले तो आप हमे सुझाव भी जरुरु भेजें

खासकर भारत देश में सबसे अधिक लोकप्रिय हरी सब्ज़ी भिंडी Lady’s Fingers जिसमे पाएं वाले सभी पोषक तत्वों के बारें में आप जानकर हैरान हो जायेंगे । क्योंकि भिंडी में बहुत सारे फायदेमंद विटामिन जैसे विटामिन-ए, विटामिन-सी, और विटामिन बी-6 बहुत ही अच्छी मात्रा जाता है, जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए काफी मददगार भी हैं।

इतना ही नहीं इन सभी विटामिन्स के साथ ही साथ इसमें कैल्शियम, और मैग्नीशियम भी बहुत ही प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके भोजन में उपयोग करने से मानव शरीर को कार्बोहाइड्रेट,एंजाइम, प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, पोटेशियम और अन्य बहुत सारे पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत मानव शरीर को प्राप्त होता है।

भिंडी Lady’s Fingers दुनियाभर में इस फायदेमंद हरी सब्ज़ी को इसके वानस्पतिक नाम जो कि है , एबेलमोस्कस एस्कुलेंटस नाम से काफी मशहूर रूप से जाना जाता है। इस प्रसिद्ध हरी सब्जी को वनस्पति विज्ञानं के अनुसार मालवेसी परिवार का एक बहुत ही अहम् सदस्य बताया गया है।

भिंडी Ladyfinger Vegetable की खेती दुनिया भर में जहा जलवायु गर्म होती हैं, ऐसे प्रदेशो जैसे उष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिकल) और उपोष्णकटिबंधीय (सबट्रॉपिकल) दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होती क्योंकि यहाँ की जलवायु इसके खेती के लिए काफी उपयोगी है।

Ladyfinger Image भिंडी की पूरी जानकारी के साथ

पूरे विश्व भर में भिंडी Ladyfinger Vegetable को बहुत से अन्य नामों से भी लोग इसको पहचानतें है। जैसे भिंडी का अंग्रेजी भाषा में नाम ओकरा(Okra), लेडीज फिंगर, एडिबल हिबिस्कस, ओकरो; संस्कृत भाषा में पिटाली, तिन्दिशा, गंडमूला; फ़ारसी, अरबी, तुर्की, हिब्रू में बामिया; स्वीडिश में ओकरा; बोस्निया में बमवे; इतालवी और फ्रेंच में गोंबो के नाम से भिंडी विश्व भर में काफी प्रसिद्ध है।

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भिंडी की सब्ज़ी (Ladyfinger Vegetable)

भिन्डी कि हरी सब्जी Ladyfinger Vegetable को जब अच्छे से पकाकर भोजन में उपयोग किया जाता हैं,तो यह खाने में बहुत ही स्वादिस्ट और साथ ही साथ काफ़ी हल्की होती है। भिंडी की सब्ज़ी बड़ों के साथ साथ बच्चों को भी इसकी स्वादिस्ट सब्जी खाना बहुत पसंद आता है, इसकी हरी और ताज़ा सब्ज़ी आसानी आसानी के साथ सभी जगह के बाज़ारों में भी उपलब्ध हो जाती है वो भी काफी उचित दर पर वैसे तो भिंडी को आप अपने घर की बगिया में आसानी से उगा सकते हैं और ढेर सारी हरी और ताज़ी भिंडी की सब्ज़ियां आसानी से पा सकतें हैं ।

भिंडी का पौधा (Ladyfinger Plant) की आकृति पर एक नज़र

यदि हम भिंडी के आकर की बात करें तो यह करीब ३ से ४ फ़ीट लम्बा हो सकता हैं ,इसका पौधा आकार में बिलकुल सीधा और काफी नरम होता हैं। जब इसका पौधा जमीन से बाहर निकलता हैं, तो शुरुआत में केवल दो पते ही इसके पौधा में होतें हैं और जैसे-जैसे पौधा बड़ा होने लगता हैं तो आगे चलकर इसके तने के दोनों तरफ करीबन पांच सेंटीमीटर पर पते निकलते हैं और पत्तों के साथ ही इसमें फूल और फिर फल लगतें जातें हैं। इसके पते दिखने में बहुत ही सुन्दर और तीन किनारों वाले होतें हैं। इसके फूल भी दिखने में काफी सुन्दर और पीले रंग के होतें हैं।

Ladyfinger Plant भिड़ी के पौधे के बारे में सबकुछ

भिंडी में लगने वाले सब्जियों का रंग हरा एवं साथ ही साथ फलों पर हरे रंग का धारीदार होता जो फल को थोड़ा आकार में चिपटा बनाता हैं। इसके फ़ल के बीच का हिस्सा खोखला होता हैं जिसके कारण इसका वजन काफी हल्का होता हैं। भिंडी के पौधे का तना बिच से खोखला एवं हल्के रेसेदार छिलको से बना होता हैं। जो इसको काफी हल्का और मुलायम बनता हैं। इसके पतों पर छोटे-छोटे काटें पाए जातें हैं, जिसके वजह से ये मानव शरीर पर लगने के बाद खुजलाहट पैदा करतें हैं।

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भिंडी में पोषक (Ladyfinger Nutrition) तत्वों की मात्रा

भिंडी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा को निचे हमने टेबल की सहायता से दिया हैं। इसको पढ़कर आप आसानी से भिंडी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा के बारें में आसानी से समझ सकतें हैं।

Ladyfinger Nutrition भिंडी में पाए जाने वाले पोषक तत्व
Ladyfinger Nutrition प्रति 100 ग्राम में मात्रा
प्रोटीन1.93 ग्राम
कार्बोहाईड्रेट7.45 ग्राम
वसा0.19 ग्राम
फ़ाइबर3.2 ग्राम
शुगर1.48 ग्राम
जल89.6 ग्राम
स्टार्च0.34 ग्राम
ऊर्जा33 किलो कैलोरी
सोडियम7 मिलीग्राम
आयरन0.62 मिलीग्राम
पोटैशियम299 मिलीग्राम
कैल्शियम82 मिलीग्राम
मैग्नीशियम57 मिलीग्राम
फॉस्फोरस61 मिलीग्राम
मैंगनीज0.788 मिलीग्राम
कॉपर0.109 मिलीग्राम
ज़िंक0.58 मिलीग्राम
सेलेनियम0.7 माइक्रोग्राम
विटामिन 36 माइक्रोग्राम
विटामिन बी10.2 मिलीग्राम
विटामिन बी20.06 मिलीग्राम
विटामिन बी31 मिलीग्राम
विटामिन बी50.245 मिलीग्राम
विटामिन बी60.215 मिलीग्राम
विटामिन सी23 मिलीग्राम
विटामिन के31.3 माइक्रोग्राम3
विटामिन ई0.27 मिलीग्राम

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भिंडी की रेसिपी Recipe Of Ladyfinger स्वादिस्ट और पोसक से भरपूर

भिंडी की रेसिपी Recipes of bhindi जो खाने में काफी स्वादिस्ट होने के साथ ही साथ बहुत सारे पोसक तत्वों से भी भरपूर होती हैं। साथ ही साथ इसकी रेसिपी को बनाना काफी आसान एवं सरल भी हैं इसलिए आज इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको हम इसको बनाने की विधि के बारें में विस्तार से बताएंगें तो चलिए जानतें हैं।

भिंडी की फ्राइड रेसिपी के बारें में स्टेप बाई स्टेप । यह रेसिपी (Recipe of Bhindi) ताजी और नरम भिंडी के फल , प्याज, मसालों और जड़ी-बूटियों के साथ उत्तर भारतीय शैली से बनाई जाने वाली भिंडी फ्राई की एक बहुत ही आसान और स्वादिष्ट रेसिपी की विधि है। एक शाकाहारी भिंडी का व्यंजन जो रोटी, पराठे के साथ या सांबर चावल या दाल चावल के साथ साइड डिश के रूप में बहुत ही स्वादिस्ट लगता है।

  • सबसे पहले ताजे और नरम 250 ग्राम भिंडी लेकर उसको ताजे पानी से अच्छे से धोकर साफ़ कर लें। उसके बाद इन्हें साफ किचन टॉवल से पोंछकर सुखा लें। भिंडी की हरी सब्जी पर पानी या नमी का कोई निशान नहीं होना चाहिए,क्योंकि पकाते समय वे चिपचिपी हो सकती हैं।इस बात का बिलकुल अच्छे से ध्यान रखें कि भिंडी की फली जो आपने ली हैं वो ताजी, हरी और कोमल होनी चाहिए ।
  • फिर सभी भिंडी के फल को 1 से 1.5 सेंटीमीटर के गोल टुकड़ों में काट कर बारीक़ करने के बाद उन्हें एक तरफ रख दें
  • एक गहरी कढ़ाई या पैन में 2 बड़े चम्मच सरसो के तेल को गर्म करें और ⅓ कप बारीक़ कटा हुआ प्याज उसमे डालें।
  • धीमी से मध्यम आंच पर, प्याज को लगातार हिलाते हुए जबतक भुने की वो सुनहरे रंग का न हो जाएँ ।
  • फिर इसमें 1 चम्मच बारीक़ कटा हुआ अदरक और साथ में 1 हरी मिर्च (बारीक़ कटी हुई) डालें और मिलाकर करीब आधे मिनट तक भून लें।
  • आंच को थोड़ा कम करने के बाद इसमें निम्नलिखित पिसे हुए मसाले डालें:-
  • ¼ चम्मच हल्दी पाउडर (पिसी हुई हल्दी)
  • 1 चम्मच धनिया पाउडर (पिसा हुआ धनिया)
  • ½ चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर (लाल कश्मीरी मिर्च)
  • सभी मसालों के पाउडर को अच्छे से चलाते हुए मिला लीजिए.

भिंडी फ्राई (Recipe of Ladyfinger) अब हम बनाना सुरु करेंगे

  • फिर इसमें जो आपने भिंडी को काटकर तैयार किया था उसे डालें।
  • अब भिंडी को बाकी पके हुए मसालों के साथ अच्छी तरह मिला लीजिए।
  • अपने स्वादानुसार नमक डालें और अच्छे से मिलाएं .
  • पैन को ढक्कन से अच्छे से ढककर बंद कर दें और भिंडी की फली को धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दे ध्यान रहें पैन में बिल्कुल भी पानी न डालें.
  • हर 3 से 4 मिनट के बाद भिंडी की सब्जी को चेक करें कही जल तो नहीं रही हैं ,और अच्छे से सब्जी को चमच की सहायता से अच्छे से मिक्स करें एक समान रूप से सब्ज़ी को पकने दे।
  • भिंडी के सब्जी को नरम और पक जाने तक पकाएं धीमी आंच पर भिंडी की सब्ज़ी को पकने में लगभग 14 से 15 मिनट का समय लगता है।
  • फिर इसमें ½ चम्मच गरम मसाला पाउडर डालकर अच्छे से खूब अच्छी तरह मिलाएं और एक मिनट के बाद आंच को बंद कर दें।
  • अंत में 2 बड़े चम्मच बारीक़ कटी हुई धनिया पत्ती को मिलाएँ।
  • अब भिंडी की सब्ज़ी को गरम-गरम फुल्के या चपाती या परांठे के साथ अपने परिवार को परोसें। इसको आप साम्भर चावल या रसम चावल या दाल चावल के साथ एक बेहतरीन साइड डिश के रूप में भी उपयोग कर सकतें है।

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भिंडी के फायदे (Benefit Of Ladyfinger) बेसकीमती हैं

भिंडी जैसा आपको मैंने पहले ही बता चूका हूँ कि, इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व एवं मानव शरीर के लिए लाभकारी यौगिक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जातें हैं। जिनके कारण सम्भवतः से भिंडी के कई फायदे और इसके काफी सारे इस्तेमाल हो सकते हैं:

Ladies Finger in Hindi में जाने इसके रोचक तथ्य

डायबिटीज़ रोगियों के लिए भिंडी के संभावित फायदे एवं उपयोग

भिंडी के छिलके और बीज मानव शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में काफी मदद कर सकतें हैं और टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी को नियंत्रित करने में काफी मददगार साबित हो सकतें है। भिंडी के अंदर कार्बोहाईड्रेट को तोड़ने वाले एंजाइम को रोकने और इन्सुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

वैज्ञानिको के प्रयोगशाला में अध्ययनों में पता चला हैं कि भिंडी में इंसुलिन जैसे गुणों का पता चला है, जो यह संकेत देता है कि भिंडी मानव शरीर में ब्लड शुगर के अस्तर को नियंत्रित करने में प्रभावी हो सकता है। अगर आप डायबिटीज़ की समस्या से पीड़ित हैं तो भिंडी के उन लक्षणों का लाभ प्राप्त करने के लिए भिंडी या इससे सम्बंधित किसी अन्य औषधि का इस्तेमाल करने के पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बिल्कुल जरुरी हैं ।

मोटापे की समस्या में भिंडी के (Lady Finger Benefits) एवं उपयोग

भिंडी आप इसे चाहे कच्चा खांए या फिर पकाकर, मोटापे की समस्या में यह काफी मदद कर सकता है। भिंडी को आप यदि कम मात्रा में भी खाएं तो भी यह आपकी भूख को शांत कर सकता है, क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा कम और फ़ाइबर की मात्रा ज्यादा पायी जाती है। वज़न बढ़ने की समस्या केवल कैलोरी युक्त और चिकनाई युक्त खाद्य सामग्री खाने से ही नहीं बढ़ती बल्कि कई बार पोषक तत्वों की कमी होने से भी हो मोटापा की समस्या हो सकती है।

यदि आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो भिंडी की सब्ज़ी को आपको अपने आहार में शामिल करना चाहिए लेकिन ध्यान रहें कि भोजन में कोई भी बदलाव करने से पहले आपको अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेनी बहुत जरुरी है । एक स्वस्थ शरीर और खाने की आदतों के साथ भिंडी को अपनाने से भी आपको मोटापे की समस्या के प्रबंधन करने में आपको अच्छी मदद मिल सकती है। आपके डॉक्टर आपको प्रत्येक आहार के लाभों और कमियों के माध्यम से आपका अच्छा मार्गदर्शन करने में बेहतर रूप से सक्षम होंगे।

त्वचा की समस्याओं में भिंडी(Ladies Finger Benefits) के उपयोग

भिंडी की सब्ज़ी में विटामिन सी और साथ ही फ़ाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। फ़ाइबर विषाक्त अपशिष्ट को आपकी त्वचा से हटाने में काफी मदद कर सकता है, और साथ ही विटामिन सी त्वचा के रंजकता में काफी मदद कर सकता हैं, और साथ ही साथ शरीर के टिशू की मरम्मत करने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

मुंहासे ,सोरायसिस और अन्य त्वचा से सम्बंधित रोगों के रोकथाम में इसकी सब्ज़ी काफी सहायता कर सकती है। वैसे तो त्वचा की बीमारियों में भिंडी का सेवन आप कर सकतें हैं लेकिन उससे पहले आपको त्वचा रोग के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी अति आवश्यक है। त्वचा से सम्बंधित बीमारी के रोकथाम के लिए भिंडी का उपयोग करने से पूर्व आपको अपने त्वचा के डॉक्टर से सलाह लेने की हम सलाह देतें हैं ।

भिंडी (lady finger in hindi) उपयोग ,पोषक तत्व ,लाभ

फेफड़े के लिए भिंडी (Lady Finger Benefits) उपयोग

ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी खतरनाक फेफड़ो की बीमारियों में भिंडी के फूल और इसकी पत्तियां काफी मदद कर सकती हैं। भिंडी के फूल और पत्तियों को पानी में अच्छे से उबालकर आप इसके सेवन से इसके लाभकारी गुण का लाभ ले सकते हैं। भिंडी में मौजूद चिपचिपा पदार्थ फ्लू आपकी सामान्य सर्दी को ठीक और नियंत्रित करने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आप फेफड़ों की किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो तुरंत आपको किसी अच्छे फेफड़ों के डॉक्टर से बात करने और इलाज करवाने की आवश्यकता हैं । साथ ही साथ डॉक्टर की सलाह के बिना भिंडी या उससे निर्मित किसी भी हर्बल औषधि के सेवन करने से आपको बचना चाहिए ।

एनीमिया रोग में भिंडी के उपयोग

भिंडी की सब्ज़ी में विटामिन ‘के’, फोलेट और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो एक बेहतरीन प्राकृतिक पोषक तत्व है साथ ही जो एनीमिया रोग के रोकथाम में काफी सहायक हैं। भिंडी के ये गुड़ हिमोग्लोबिन यानि लाल रक्त कण और रक्त में थक्का बनाने में काफी मदद करता है।

भिंडी के ये सभी लाभकारी गुड़ एनीमिया रोग से रक्षा करने में आपकी मदद कर सकते हैं। लेकिन हमारी सलाह हैं कि डॉक्टर से परामर्श किये बिना एनीमिया रोग में भिंडी का इस्तेमाल करने से बचे और पहले डॉक्टर से सलाह लें ।

मस्तिष्क से संबंधित रोगो में भिंडी के उपयोग

वैज्ञानिको के एक अध्ययन से यह पता चला है कि, भिंडी में मस्तिष्क रक्षक के गुण वाले फ्लेवोनॉयड की उपस्थिति हैं। जो मानव मस्तिष्क के कार्य छमता की रक्षा करने में काफी मदद कर सकती है, यह मस्तिष्क के याददाश्त तथा सीखने की क्रिया को और भी बेहतर कर सकती है।

अतः भिंडी का इस्तेमाल याददाश्त छमता को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। क्योंकि यह आपके मस्तिष्क से संबंधित किसी भी समस्या के लिए फायदेमंद हैं लेकिन हमारी सलाह हैं, की भिंडी या फिर इससे बने किसी भी हर्बल औषधि का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेना अति आवश्यक है ।

गर्भावस्था में भिंडी के फायदे एवं उपयोग

भिंडी में प्रचुर मात्रा में विटामिन A, B एवं C के साथ-साथ कैल्शियम और जिंक जैसे महत्वपूर्ण तत्व भी पाए जाते हैं, जिसके कारण इसे एक आदर्श सब्जी माना जाता है और यह गर्भावस्था के समय इसका सेवन किया जा सकता है। इसमें फ़ाइबर और विटामिन B9 (फोलिक एसिड/ फोलेट) भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

साथ ही इसके ये सभी गुड़ , गर्भस्थ शिशु के तंत्रिका तंत्र के अच्छे विकास में यह बहुत ही लाभदायक प्रभाव डाल सकता है। गर्भावस्था में भिड़ी या फिर किसी भी जड़ी-बूटी या इसके सब्जी का फ़ायदों के लिए इस्तेमाल करने के पहले आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेना बिलकुल आवशयक हैं ।

पेट के कैंसर रोग में भिंडी का उपयोग

भिंडी में बहुत ही भरपूर मात्रा में फ़ाइबर के गुड़ पाए जाते हैं और साथ ही यह आंत के मार्ग को साफ़ करने का भी अच्छा काम कर सकती है। ख़ासकर कोलन और बड़ी आंत के लिए यह काफी फायदेमंद हैं ,तथा इस प्रकार यह पेट के कैंसर के ख़तरे को काफी कम कर सकता है।

इसके अतिरिक्त, इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुड़ भी होते हैं जो मानव कोशिकाओं को उत्परिवर्तन होने से बचाने में काफ़ी मदद कर सकते हैं, जिसे कोशिका की आनुवंशिक सामग्री में परिवर्तन के रूप में भी जाना जाता है।

भिंडी के ये एंटीऑक्सीडेंट गुड़ भी मानव प्रतिरक्षा प्रणाली को बहुत अधिक लाभ पहुंचा सकते हैं। अगर आप किसी प्रकार के कैंसर रोग से पीड़ित हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह और इलाज का सख़्ती से पालन करना चाहिए है। भिंडी या इससे बने किसी अन्य सब्जी का उसके गुणों के कारण इस्तेमाल करने के पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले ।

पेट के लिए भिंडी के उपयोग

भिंडी की सब्ज़ी में प्रोबायोटिक्स यानि अच्छे जीवाणु पाए जातें हैं, जो पेट के बैक्टीरिया के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। विटामिन बी काम्प्लेक्स का जैव संश्लेषण करके भिंडी आपके आंत के मेटाबोलिज्म यानि अच्छे जीवाणुओं के समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। भिंडी आपके छोटी आंत में दही जैसा असर पैदा लेना कर सकता है। पेट की बीमारी के लिए भिंडी या इससे बने हर्बल का इस्तेमाल करने के पहले आपको अपने डॉक्टर की सलाह बिलकुल आवश्यक हैं ।

खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या में भिंडी का उपयोग

भिंडी मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल के अस्तर को नियंत्रित करने में काफ़ी हद तक मदद कर सकता है। एक अध्ययन में यह पता चला है कि भिंडी युक्त आहार से कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण में काफी परिवर्तन आया और मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल का अस्तर भी कम हुआ।

भिंडी में पेक्टिन (एक प्रकार का फ़ाइबर) पाया जाता है, जो शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में काफी मदद करता है। यह कोलेस्ट्रॉल शारीरिक हानि को बढ़ावा देता है और शरीर में वसा की उत्पत्ति को रोकने में मदद करता है। इसलिये यह टोटल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकता है, और साथ ही साथ मल में पित्त अम्ल के उत्सर्जन की गति को तीव्र कर सकता है।

भिंडी मानव आंत में पित्त के उत्पादन को काफी हद तक परिवर्तित कर सकती है, और जमे हुए कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है, शरीर की इस प्रकिया से खराब कोलेस्ट्रॉल समाप्त हो जाता है। यदि आप ख़राब कोलेस्ट्रॉल की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह और इलाज का अच्छे से पालन करना होगा। यदि आप भिंडी के कोलेस्ट्रॉल काम करने वाली खूबियों के कारण इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो हमारी सलाह हैं की आपको अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

ऑस्टियोपोरोसिस समस्या में भिंडी का उपयोग

भिंडी में विटामिन-के भरपूर मात्रा में होता है, जो मानव शरीर में रक्त का थक्का बनाने के लिए काफ़ी आवश्यक है, और यह शरीर में हड्डी के घनत्व को बढ़ाने में काफ़ी मदद करता है तथा ऑस्टियोपोरोसिस के क्रिया में भी काफी सहायता करता है।

एक अध्ययन से इस बात का पता चला हैं, कि विटामिन-के हड्डियों के मेटाबोलिज्म में काफी बदलाव कर सकता है और मानव शरीर में कैल्शियम के संतुलन को बनाए रखने में काफ़ी अच्छा प्रभाव डालता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक गंभीर बीमारी है जिसका उचित डॉक्टर से इलाज बेहद जरुरी है। ऑस्टियोपोरोसिस में यदि आप भिंडी का इस्तेमाल शुरू करना चाहतें है तो पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें ।

कब्ज़ की समस्या में भिंडी का उपयोग

भिंडी में पाया जाने वाला म्यूसिलेजिनस स्लाइम मानव पाचन तंत्र में पानी के उचित अवशोषण में काफी मदद कर सकता है, और मल को ढीला करके बढ़ा सकता है, जिससे वे न तो बहुत जायदा नरम होते हैं और न ही निकलने में काफी मुश्किल होते हैं।

यह चिपचिपा पदार्थ और फ़ाइबर विषाक्त पदार्थों के साथ बधकर और साथ ही साथ बड़ी आंत को चिकना कर सकता है तथा इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक रेचक गुण के कारण यह सामान्य और सहज मल त्याग में सहयोग कर सकता है।

यदि आपके ये लक्षण ठीक नहीं होते हैं तो हमारी सलाह है तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह ले । यदि आप कब्ज़ियत की समस्या का अनुभव कर रहे हैं तो भिंडी की सब्जी का इस्तेमाल करने के पूर्व अपने डॉक्टर से सलाह लेना सुनिचित करें ।

लीवर के लिए भिंडी के उपयोग

भिंडी में कुछ ऐसे गुड़ पाए जातें हैं जो लीवर के लिए काफ़ी लाभदायक होतें है। भिंडी में मौजूद चिपचिपे पदार्थ में कुछ ऐसे तत्व पाये जातें हैं जो कोलेस्ट्रॉल और पित्त अम्ल को बांधने में काफी सहायक होती हैं और लीवर में उपस्थित विष को मिटा सकते हैं।

भिंडी में एक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो हानिकारक जीवाणुओं एवं रोगाणुओं के रोकथाम में काफी सहायक होता है, और मानव शरीर की रक्षा करता है। यदि आपको लीवर से सम्बंधित किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको अपने लिए सचेत रहना होगा। अपने डॉक्टर से बात किये बिना भिंडी का इस्तेमाल करने से आपको बचना चाहिए ।

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Meaning of okra in hindi?

Ladies Finger Benefits भिंडी के फ़ायदे जान हैरान रह जायेगे

Okra को हिंदी भाषा okra in hindi में भिंडी के नाम से जाना जाता हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर ओकरा या ओक्रो के नाम से भी यह प्रसिद्ध है। Okra के अन्य नामों में गोम्बो, गंबो, बामी, क्विआबो,क्विंगोम्बो, बामिया, क्विबोम्बो, गोंबो, बामी बामिया, बामिया शामिल हैं।

Okra when to plant?

Ladyfinger Nutrition भिंडी में पाए जाने वाले पोषक तत्व

उत्तर भारत में इसकी खेती वर्षा एवं वसंत ऋतु में सबसे अधिक की जाती है। वर्षा ऋतु के आने पर इसकी बुआई जून-जुलाई महीने में की जाती है तथा बसंत ऋतु के आने पर इसकी खेती फरवरी-मार्च महीने में की जाती है।

Benefits of okra?

Ladies Finger in Hindi में जाने इसके रोचक तथ्य

भिंडी(Okra) में कैलोरी बहुत ही कम मात्रा में होती है लेकिन यह पोषक तत्वों से काफ़ी भरपूर होता है। Okra में मौजूद विटामिन सी स्वस्थ प्रतिरक्षा क्रिया को समर्थन देने में काफी मदद करता है। भिंडी में विटामिन K बहुत ही प्रचुर मात्रा पाया जाता है, जो आपके शरीर में रक्त का थक्का जमने में काफी मदद करता है। एंटीऑक्सिडेंट एक प्राकृतिक यौगिक हैं जो आपके शरीर को मुक्त कणों नामक अणुओं से लड़ने में काफी मदद करते हैं, जो मानव शरीर की कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Scientific names of okra?

Ladyfinger Image भिंडी की पूरी जानकारी के साथ

Scientific Name of Okra नाम (एबेलमोस्कस एस्कुलेंटस),जो मैलो परिवार (मालवेसी) का शाकाहारी बालों वाला वार्षिक पौधा हैं और इसका फल खाने योग्य होता है ।

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